About Vaidik Ganit

Vaidik Ganit वैदिक गणित

About Vaidik Ganit

Vaidik Ganit वैदिक गणित क्या है ? वैदिक गणित्र  यह वेदों से प्राप्त एक प्राचीनतम विद्या है वर्तमान में जिसकी खोज और पुनरुद्धार का श्रेय जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी श्री भारती कृष्ण तीर्थ जी महाराज को जाता है| वैदिक गणित में कुल 16 सूत्र और 13 उपसुत्र हैं | Vaidik Ganit वैदिक गणित  न केवल हमारी बुद्धि को तेज़ करती है बल्कि हमे ऐसा ज्ञान भी देती है जो हमे दुनिया के किसी अन्य ग्रन्थ में नही मिलता |वैदिक गणित(Vaidik Ganit) का एक सरल सुत्र सीखकर हम बड़ी से बड़ी संख्यों की जटिल गुणा सिर्फ 2 सेकंड में कर सकते हैं , वो भी मन ही मन गणना करके |जबकि उसी संख्या की साधारण तरीके से गुणा करने पर 5 से 10 मिनट का समय लग जाता है |श्री भारती कृष्ण तीर्थ जी महाराज जिन्होंने  वैदिक गणित कि रचना की , जिसे अंग्रेजी में वैदिक मैथेमेटिक्स कहते है वैदिक वांग्मय में कई सूत्र सन्नहित है , जिनके आधार पर यज्ञ में कुण्ड आदि का निर्माण होता भी  है , रेखा गणित का जो उद्भव स्थान है , उन सूत्रों का श्री भारतीकृष्ण तीर्थ जी महाराज ने विधिवत अनुशीलन किया और वैदिक वांग्मय में बिखरा हुआ जो गणित का सन्दर्भ था उसे अपनी ऋतंभरा प्रज्ञा के अमोघ प्रभाव से संकलित किया |

यह वह विधा है जिसे सीखकर गणित में सामान्य बुद्धि वाला बच्चा भी गणित का पंडित बन सकता है| वैदिक गणित के ये सुत्र न केवल सीखने में सरल हैं बल्कि रुचिकर व मनोरंज़क भी हैं| जो छात्र / छात्रा गणित को देखकर नाक – भौं सिकोड़ने लगते हैं| या जिन्हें गणित की पुस्तक देखकर ही  नींद आने लगती है | वो भी अगर वैदिक गणित को पढना शुरू करेंगे तो स्वयं को तरोताज़ा महसूस करेंगे |
आप 3 -4 सुत्र सीख लेने से ही आपके अन्दर गज़ब का आत्मविश्वास जागृत हो जाएगा | मेरा स्वयम् का अनुभव तो यहाँ तक कहता है कि एक बार पुरे लग्न से आपने इसे सीखना शुरू कर दिया तो नित्यप्रति आपके अंतर्मन से नये नये सुत्र स्वयम् ही प्रकट होने लगेगे वैदिक गणित वह ज्ञान की उपेक्षा करके हमारे देश व हमारे समाज ने बहुत भरी कीमत चुकाई है| लेकिन अब समय आ गया है कि हम पुनः हमारी महान वैदिक संस्कृति व ज्ञान से खुद को प्रकाशमान करे व आने वाली पीढ़ियों को भी यशस्वी , तेजस्वी व महान ज्ञानी बनाएँ |

आप सभी मित्रों की रुचि व मांग को देखते हुए हमने वैदिक गणित को हर बच्चे, हर शिक्षक व हर वो विद्यार्थी जो किसी भी
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है चाहे वो SSC, Banking, CGL,Navy या अन्य किसी भी प्रकार की  प्रतियोगी
परीक्षा हो, सभी तक पहुँचाने का निर्णय लिया है ताकि हमारे देश के हर बच्चे को वैदिक गणित के शोर्ट व जादुई ट्रिक्स
सीखने का मौका मिल सके |
जिन विद्यार्थियों की गणित में रूचि नही बन पाती उनके लिए ये ट्रिक्स किसी वरदान से कम नही है| क्योंकि वैदिक गणित
में लम्बे चौड़े पहाड़े (Table) रट्टने की आवश्कता ही नही है | यहाँ केवल 9 तक के पहाड़े सीखने की आवश्कता है जो कि
पहली कक्षा में ही हर बच्चा सीख लेता है| वह सामान्य से सामान्य बच्चा जो केवल 9 तक का पहाडा (Table) जानता व
साधारण जोड़ घटा करना जनता है वो स्वयं ही कभी भी सारे पहाड़े (Table) खुद बना सकता है|

इस विद्या द्वारा बड़ी से बड़ी संख्याओं का जोड़-घटा, गुणा-भाग, वर्ग-वर्गमूल, घन-घनमूल भिन्नों के सवाल आदि सब तत्काल हल कर सकता है |वैदिक गणित के सुत्र बहुत ही सरल हैं, इतने सरल कि पुरे विश्व में इससे सरल व उपयोगी सुत्र कहीं पर नही मिलेंगे| एक बार
इन सूत्रों को समझ लेने पर व उनमे निहित कार्य विधि के मन में बैठ जाने पर सारी विधि एक समस्या के स्थान पर बच्चों
का खेल बन जाती है| संकल्प करे कि तन मन धन से  वैदिक गणित को हर बच्चे तक पहुँचाना है |इस कार्य में आप सभी का सहयोग अपेक्षित है |

धन्यवाद :

आचार्य दीपक शर्मा  ,

वैदिक गणित अनुसन्धानकर्ता |

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