कब्ज़ की समस्या से शीघ्र नजात दिलवाएंगे ये आयुर्वेदिक घरेलू उपाय |

kabaj ke gharelu upchar in hindi

बहुत से अन्य रोगों का मूल कारण भी है कब्ज़ 

कब्ज़ यानि अच्छे से पेट साफ़ न होना एक बहुत ही गंभीर समस्या है| आयुर्वेद में किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसका पेट साफ़ अच्छे से होता है या नही| यदि आपको भी कब्ज़ जैसी समस्या है तो इसे हलके में न लें | लम्बे समय तक कब्ज़ रहना किसी गंभीर रोग का निमन्त्रण हो सकता है| वैसे तो कब्ज़ की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति हो हो सकती है परन्तु अधिकतर वृद्धों को सबसे अधिक इस बीमारी से जूझते देखा जाता है|

आयुर्वेद के अनुसार शरीर में वात के बढ़ने से कब्ज होती है। रात को देर तक जागने से सुबह देर से नींद खुलती है| इसके कारण समय पर शौच जाना संभव नहीं होता है| इस अनियमित दिनचर्या के कारण कब्ज की बीमारी होती है| चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार कब्ज की बीमारी के कारण पेट के अनेक रोग-विकार उत्पन्न होते हैं|

कब्ज़ के कारण

  • कब्ज पैदा करने वाले कारणों में वक्त-बेवक्त भोजन करने की आदत, नियमित रूप से निर्धारित समय पर भोजन न करना|
  • गरिष्ठ, तले हुए मैदे के व्यंजन, तेज मिर्च-मसालेदार चटपटे भोजन, ठीक से चबाए बिना बार-बार भोजन करना |
  • लगातार पेनकिलर्स या नॉरकोटिस या दर्द निवारक दवाएं खाने वाले भी कब्ज का शिकार हो जाते हैं। यदि ऐसी दवाओं को रोक दिया जाए तो कब्ज ठीक हो जाएगी|
  • कई बार हॉरमोंस की गडबडी, थाइरॉयड या शुगर की बीमारी भी कब्ज का कारण बन जाती है|
  • पहले का भोजन हजम हुए बिना फिर से भोजन खाना |
  • पानी कम पीना तथा खाने को ठीक से चबा-चबा कर ना खाना |
  • मानसिक तनाव, चिंता, क्रोध या शोक की अवस्था में भोजन करना, भोजन में रेशेदार आहार (Low Fiber Food) की कमी |
  • अधिक चाय, कॉफी, तंबाकू, सिगरेट शराब आदि का सेवन |
  • व्यायाम बिल्कुल न करना आराम पसंद लाइफ स्टाइल ।
  • खाना खाने के तुरंत बाद में फ्रिज का ठंडा पानी पीना |
  • रात में देर से खाना, खाना खाते ही बिस्तर पर लेटकर सोना |

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